Dahej Pratha [Dowry System] Lesson Plan in Hindi | दहेज़ प्रथा पाठ योजना

Dahej Pratha [Dowry System] Lesson Plan in Hindi | दहेज़ प्रथा पाठ योजना

लेसन प्लान का संक्षिप्त विवरण:

  • Class : 5th, 6th, 7th,8th,9th,10th
  • Subject : Hindi
  • Topic :
  • Lesson Plan Type :
  • Skill :दहेज़ प्रथा (Dahej Ki Samasya - Dahej Pratha Lesson Plan)


Note: निचे दी गयी हिंदी पाठ योजना केवल एक उदाहरण मात्र है| जिससे आपको Lesson Plan बनाने का Idea मिलता है| आप खुद की कल्पना शक्ति और प्रतिभा से इसे और बेहतर बना सकते है| और साथ ही साथ कक्षा, नाम, कोर्स, दिनांक, अवधि इत्यादि में बदलाव करके इसे आप अपनी सुविधा के अनुसार इस्तेमाल कर सकते है


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Dahej Pratha Lesson Plan in Hindi | दहेज़ प्रथा पाठ योजना For B.Ed 1st Year, 2nd Year and DELED - Dowry System Lesson Plan In Hindi

Date: Duration Of The Period:
Students Teacher Name: Pupil Teacher Roll Number:
Class: Average Age Of the Students:
Subject: Topic:

विषय वस्तु विश्लेषण:

  1. दहेज शब्द का अर्थ
  2. नारी का सम्मान
  3. प्रदर्शन की भावना
  4. एक सामाजिक बुराई
  5. दहेज प्रथा उन्मूलक विधेयक
  6. युवा वर्ग में जागृति
  7. उपसंहार

सामान्य उद्देश्य:

  • छात्रों को निबंध रचना में रुचि उत्पन्न करना|
  • छात्रों के शब्द भंडार में वृद्धि करना|
  • छात्रों को उनके विचारों को क्रमबद्ध रूप में लिखने का अभ्यास कराना|

अनुदेशनात्मक उद्देश्य:

  • छात्र विषय वस्तु का प्रत्यभिज्ञान कर सकेंगे|
  • छात्र निबंध का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे|
  • छात्र सामाजिक जीवन में इसका महत्व बता सकेंगे|
  • छात्र सरल भाषा में इसके प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे|
  • छात्र लिखित अभिव्यक्ति में क्रमबद्धता ला सकेंगे|
  • छात्र छोटे-छोटे निबंध लिखने में निपुण हो जाएंगे|
  • छात्र विषय वस्तु को सुसम्मत रूप में लिख पाएंगे|

सामान्य शिक्षण सहायक सामग्री:चौक, बोर्ड, स्वछक व संकेतक

अनुदेशनात्मक शिक्षण सामग्री:दहेज से संबंधित चार्ट

पूर्व ज्ञान परिकल्पना:कक्षा में प्रवेश करने से पहले छात्र-अध्यापिका यह मानकर चलती है, कि विद्यार्थियों को देश में फैली कुरीतियों का सामान्य ज्ञान होगा|

पूर्व ज्ञान परीक्षण:विद्यार्थी के पूर्वज्ञान को जांचने के लिए छात्र-अध्यापिका निम्न प्रश्न पूछेंगी:

छात्र-अध्यापिका क्रियाएं: छात्र-क्रियाएं:
आप किस देश में रहते हो? भारत
भारत में कौन–कौनसी कुरीतियां फैली हुई है? जाति प्रथा, बाल विवाह , सती प्रथ ाऔर दहेज प्रथा
दहेज प्रथा के बारे में आप क्या जानते है? समस्यात्मक प्रश्न

उपविषय की घोषणा:छात्र-अध्यापिका विद्यार्थियों से संतोषजनक उत्तर ना पाकर उप-विषय की घोषणा करेंगी, कि आज हम दहेज प्रथा के बारे में पढेंगे|

प्रस्तुतीकरण:व्याख्यान विधि व चार्ट के माध्यम से छात्र-अध्यापिका कक्षा में अपना पाठ प्रस्तुत करेंगी|

शिक्षण बिंदु: छात्रध्यापिका क्रियाएं: छात्र क्रिया: श्यामपट्ट कार्य:
भूमिका छात्र-अध्यापिका कक्षा में घूमते हुए छात्रों को दहेज प्रथा के बारे में बताएंगी कि :

छात्र-अध्यापिका कथन:दहेज प्रथा भारतीय समाज की एक प्रमुख कुरीति है, प्राचीन काल में दहेज माता-पिता के प्रेम का प्रतीक था, जिसे वे कन्या के विवाह के अवसर पर उपहार के रूप में देते थे, परंतु अब यह प्रथा एक सामाजिक अभिशाप का रूप धारण कर चुकी है|

छात्र-अध्यापिका चार्ट की ओर संकेत करती हुई दहेज का अर्थ बताएंगी|

सभी छात्र ध्यान पूर्वक सुनेंगे व अपने उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे दहेज प्रथा भारतीय समाज की एक प्रमुख कुरीति है
दहेज़ का अर्थ छात्र-अध्यापिका कथन : दहेज शब्द अरबी के शब्द जहेज से रूपांतरित होकर बना है, जिसका अर्थ है - सौगात | यह प्रथा भारतीय समाज में कब शुरू हुई यह कहना तो कठिन है| वेदों में भी इस प्रथा का परिचय मिलता है, दहेज प्रथा हमारे देश में प्राचीन काल से चली आ रही है| दहेज शब्द अरबी भाषा के शब्द जहेज से रूपांतरित होकर बना है|
नारी का सम्मान प्राचीन काल में भारतीय समय में नारी का स्थान बहुत ऊंचा था ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता’ ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता’
प्रश्न आज दहेज किस की भावना बनकर रह गई है:

छात्र-अध्यापिका कथन: आज समाज में प्रदर्शन की भावना बढ़ती जा रही है, अमीर लोग बेटी के विवाह में बढ़-चढ़कर दहेज देते हैं, परंतु गरीब लोग ज्यादा दहेज ना दे सकने के कारण अपनी बेटी के लिए अच्छा वर नहीं खरीद पाते| वर पक्ष भी बढ़-चढ़कर दहेज मांग करता है|

प्रदर्शन आज समाज में प्रदर्शन की भावना बढ़ती जा रही है|
प्रश्न

एक सामाजिक बुराई

दहेज एक कौन सी बुराई है?

छात्र-अध्यापिका कथन : दहेज प्रथा भारतीय समाज के लिए कलंक है, यह एक ऐसी बुराई है, जो भारतीय समाज को खोखला करती जा रही है, प्रायः माता पिता विवाह के समय दूसरों से ऋण लेकर अपनी शक्ति से अधिक दहेज देते हैं, फिर भी ना जाने कितनी युवतियां दहेज बलिवेदी पर चढ़ जाती हैं|

सामाजिक
दहेज़ प्रथा उन्मूलक विधेयक छात्र-अध्यापिका चार्ट की ओर संकेत करती हुई बताएंगी कि –

दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए 1961 में कानून बनाया गया इसके अनुसार वर पक्ष के लोग दो हजार रुपये से अधिक का दहेज नहीं ले सकते|1975 में इस कानून को और अधिक कठोर बनाया गया , 1976 में एक और कानून बनाया गया जिसके अनुसार किसी भी सरकारी कर्मचारी के दहेज लेने पर उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी|

ध्यान पूर्वक सुनेंगे व देखेंगे| दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए 1961 में कानून बनाया गया
युवा वर्ग में जागृति छात्र-अध्यापिका कक्षा में आगे से पीछे की ओर जाती हुई बताएंगी कि :

दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए देश में युवा वर्ग की जागृति आवश्यक है| शिक्षित युवक युवतियों को यह दृढ़ प्रतिज्ञा करनी चाहिए, कि हम दहेज नहीं लेंगे ना देंगे|

दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए देश में युवा वर्ग की जागृति आवश्यक है|
उपसंहार छात्र-अध्यापिका चार्ट की ओर संकेत करते हुए विद्यार्थियों को बताएंगी कि:

शिक्षित युवक - युवतियां रूढ़िवादी मनोवृति वाले माता – पिता की अवहेलना करके सरकार का सहयोग दें तो भारतीय संस्कृति पर लगा हुआ कलंक निश्चय ही धुल जाएगा|


सामान्यीकरण:छात्र-अध्यापिका यह मानकर चलती है, कि विद्यार्थियों को दहेज प्रथा समझ में आ गया होगा|

पुनरावृत्ति:

  • प्राचीन काल में दहेज किसका प्रतीक था?
  • दहेज शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?
  • दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए कौन से कानून बनाए गए हैं?

गृहकार्य:

  1. ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता’ का क्या अर्थ है?
  2. आज दहेज प्रथा कैसी भावना बनकर रह गई है?
  3. दहेज प्रथा की समाप्ति के लिए युवा वर्ग की भूमिका का वर्णन करो या बताओ?


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Further Reference:
www.LearningClassesOnline.com हिन्दी पाठ योजना

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